खरगोश वाली सुंदरी की आंखों में बहते आंसू देखकर मेरा दिल दहल गया। शेर वाले के चेहरे पर गुस्सा साफ झलक रहा था। बिस्तर पर चाकू की नोक पर जब जान आ गई तो समझ आया कि शेर का शिकार सिर्फ जानवर नहीं होते। यह कहानी बहुत गहरी और दर्दनाक है। रानी का सिंहासन भी खतरे में लग रहा है। सबके चेहरे पर नकाब है। कोई किसी पर भरोसा नहीं कर सकता। यहाँ हर पल मौत का खेल चल रहा है।
काले कपड़े वाली भेड़िया महिला की मुस्कान में जहर घुला हुआ है। महल की दीवारें गवाह बन रही हैं इस गद्दारी की। शेर का शिकार देखते वक्त लगा कि प्यार और नफरत की लकीर बहुत पतली है। खरगोश वाली बेचारी किस भरोसे बैठी है। काश कोई उसे बचा ले। यह कहानी बहुत तेज है। हर कोई अपने मतलब का है। यहाँ वफादारी की कोई कीमत नहीं है।
सुनहरे महल में छाया अंधेरा दिल को छू गया। रानी का गुस्सा आग जैसा है। शेर वाले की मांसपेशियों में ताकत पर नजर खतरनाक है। शेर का शिकार नामक इस कहानी में हर पल संदेह बढ़ता जाता है। चाकू से खून की एक बूंद भी काफी है सब बदलने के लिए। माहौल बहुत तनावपूर्ण है। सब डरे हुए हैं। यहाँ राज छिपाना मुश्किल है।
भावनाओं का यह खेल बहुत खतरनाक है। खरगोश वाली की मासूमियत अब ढाल नहीं बन सकती। शेर वाले का रवैया बदलता देख हैरानी हुई। शेर का शिकार कहानी में मोड़ ऐसे आते हैं कि सांस रुक जाए। रानी की ताकत के आगे सब फीके हैं। हर कोई अपनी चाल चल रहा है। कोई नहीं जानता क्या होने वाला है। यह बहुत रोमांचक है।
चाकू की धार पर चल रही है यह कहानी। खरगोश वाली की गर्दन पर जब धातु छूी तो डर लग गया। शेर का शिकार में विश्वासघात का खेल चरम पर है। काले लिबास वाली महिला की चालबाजी देखते बन रही है। महल के राज अब खुलने वाले हैं। सब कुछ धुंधला है। कोई सच नहीं बोल रहा। यहाँ झूठ की सरकार है।
रोशनी और अंधेरे का खेल कमाल का है। शेर वाले की आंखों में चमक खतरनाक है। खरगोश वाली की आंखों में बेबसी साफ झलकती है। शेर का शिकार देखकर लगा कि प्यार में भी जंग होती है। रानी का हुक्म ही कानून लग रहा है यहां। कोई नहीं बच सकता। सबको सजा मिलेगी। यह न्याय का समय है।
गुलाब की पंखुड़ियों बीच खून के निशान डराते हैं। शेर वाले ने जब कपड़े उतारे तो माहौल गर्म हुआ पर खतरा बना रहा। शेर का शिकार में हर पल नया रहस्य है। काले कपड़े वाली की चालें कामयाब होंगी या नहीं यह तो वक्त बताएगा। डर लग रहा है। सब कुछ अनिश्चित है। यहाँ सुरक्षा नहीं है।
सिंहासन पर बैठी रानी की नजरों में सत्ता है। खरगोश वाली की किस्मत अब दूसरों के हाथ में है। शेर का शिकार कहानी में धोखा सबसे बड़ा हथियार है। चाकू पकड़े हाथ कांप रहे थे या इरादे पक्के थे समझ नहीं आया। सब हैरान हैं। कोई कुछ नहीं बोल रहा। यहाँ खामोशी राज करती है।
महल की खामोशी चीख रही है। शेर वाले और खरगोश वाली के बीच की दूरी मिटती दिखी पर फिर चाकू आ गया। शेर का शिकार में रिश्तों की डोर टूटती दिख रही है। काले लिबास वाली के प्रवेश ने सब बदल दिया। अंत क्या होगा। सब सोच में हैं। यह कहानी बहुत गहरी है।
आंसुओं की कीमत इस कहानी में बहुत है। शेर वाले का गुस्सा किसी तूफान से कम नहीं। खरगोश वाली की मासूमियत अब काम नहीं आएगी। शेर का शिकार देखते हुए लगा कि अंत अच्छा नहीं होगा। रानी की चाल सबसे बड़ी है। सब डरे हुए हैं। यहाँ जीना मुश्किल है।