जब रानी ने उस खरगोश कान वाली बच्ची का हाथ थामा, तो बैंगनी रोशनी ने पूरे हॉल को रोशन कर दिया। यह दृश्य देखकर लगता है जैसे कोई पुरानी जादुई शक्ति जाग उठी हो। शेर का शिकार 2 में ऐसे पल बार-बार दिल को छू लेते हैं। रानी की आँखों में एक अजीब सी चमक थी, जैसे वह बच्ची को किसी बड़े मिशन के लिए तैयार कर रही हो।
जब वे दोनों जादुई पोर्टल से निकलकर बर्फ़ीले महल में पहुँचे, तो नज़ारा बेहद खूबसूरत था। उत्तरी रोशनी आसमान में नाच रही थी और महल बर्फ से ढका हुआ था। शेर का शिकार 2 के इस दृश्य में ठंडक के बावजूद एक गर्मजोशी महसूस हुई। रानी और बच्ची के बीच का रिश्ता धीरे-धीरे खुल रहा है।
उस छोटी बच्ची ने जब धनुष उठाया और निशाना लगाया, तो सबकी साँसें रुक गईं। उसकी आँखों में एक अलग ही चमक थी। शेर का शिकार 2 में यह दृश्य सबसे ज्यादा रोमांचक लगा। रानी की प्रतिक्रिया देखकर लगता है कि यह बच्ची साधारण नहीं है। उसका हर कदम किसी बड़ी कहानी की शुरुआत लग रहा है।
रानी के चेहरे पर जब गुस्सा और चिंता एक साथ दिखा, तो लगा जैसे वह बच्ची को किसी बड़े खतरे से बचाना चाहती हो। शेर का शिकार 2 में रानी का किरदार बहुत गहरा है। वह सिर्फ एक शासक नहीं, बल्कि एक संरक्षक भी है। उसकी आँखों में छिपी कहानी अभी पूरी तरह सामने नहीं आई है।
जब खरगोश कान वाली बच्ची की मुलाकात उस बिल्ली कान वाली बच्ची से हुई, तो माहौल में एक अजीब सी ऊर्जा थी। दोनों के कपड़े और अंदाज़ अलग थे, लेकिन आँखों में एक जैसी चमक थी। शेर का शिकार 2 में यह मिलन किसी बड़ी दोस्ती की शुरुआत लग रहा है। रानी ने जब छोटी बच्ची को गले लगाया, तो दिल पिघल गया।
सफेद पत्थरों से बना वह महल, फूलों से सजी छत और बर्फ़ से ढके पहाड़ - सब कुछ सपनों जैसा लग रहा था। शेर का शिकार 2 के इस दृश्य में कल्पना को पंख मिल गए हैं। रानी का वहाँ आगमन किसी देवी के आगमन जैसा था। हर कोने से एक अलग कहानी झाँक रही थी।
जब कवच पहने योद्धा ने वह काला बॉक्स खोला और उसमें से सुनहरा धनुष निकला, तो लगा जैसे कोई बड़ी लड़ाई शुरू होने वाली है। शेर का शिकार 2 में यह हथियार सिर्फ एक औज़ार नहीं, बल्कि एक प्रतीक है। रानी की नज़रें बता रही थीं कि वह इस धनुष की शक्ति को अच्छे से जानती है।
उस खरगोश कान वाली बच्ची की मासूमियत देखकर दिल पिघल जाता है। उसकी आँखों में डर और उत्सुकता दोनों थे। शेर का शिकार 2 में यह किरदार सबसे ज्यादा प्यारा लगा। जब उसने धनुष संभाला, तो लगा जैसे वह किसी बड़े भाग्य के लिए चुनी गई हो। उसकी हर हरकत में एक अलग कहानी है।
रानी ने जब उस बच्ची को अपने पास बुलाया और उसे धनुष दिया, तो लगा जैसे उसने कोई बड़ा फैसला ले लिया हो। शेर का शिकार 2 में यह पल सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण था। रानी की आँखों में एक अजीब सी चमक थी, जैसे वह जानती हो कि यह बच्ची क्या कर सकती है।
जब सभी पात्र एक साथ उस सफेद महल में इकट्ठा हुए, तो लगा जैसे कोई नई शुरुआत होने वाली है। शेर का शिकार 2 का यह अंत एक नई कहानी की शुरुआत लग रहा है। रानी, बच्ची, योद्धा और अन्य पात्र - सबकी अपनी-अपनी कहानी है। अब देखना यह है कि आगे क्या होता है।
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