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कथानक सार

Alicia, ek rabbit girl, kabhi Prince Caius ko apni nijat samajhti thi, lekin woh sirf Vanessa ko bachane ka ek bahana nikla. Teen saal ka pyaar ek jhooth tha. Dil toot kar, usne dulhan badal di aur langde Duke Edward se shaadi kar li. Aazadi ka contract – usne uski tangayen theek karein, usne use sachcha samman aur pyaar diya. Jab Caius ko aakhir pata chala ki Alicia uski asli rakshak thi, tab bahut der ho chuki thi…
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राजकुमार का अहंकार

सिंह राजकुमार की आँखों में जो घमंड था, वह उसकी शक्ति से ज्यादा खतरनाक लग रहा था। जब उसने काली पोशाक वाली लड़की को छेड़ा, तो लगा जैसे वह अपनी मौत को दावत दे रहा हो। मुझे चोट दो, मुझे खो दो की कहानी में यह मोड़ बहुत ही रोमांचक था।

काली बिल्ली का जाल

उसकी मासूमियत के पीछे छिपी चालाकी ने सबको बेवकूफ बना दिया। जब उसने राजकुमार के सीने पर हाथ रखा, तो लगा जैसे वह उसका दिल चुरा रही हो। मुझे चोट दो, मुझे खो दो में ऐसे दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।

दावत का खौफनाक अंत

शुरुआत में सब कुछ इतना खूबसूरत लग रहा था, चमकदार झूमर और रंगीन पोशाकें। लेकिन अचानक माहौल बदल गया और खून-खराबा शुरू हो गया। मुझे चोट दो, मुझे खो दो का यह मोड़ किसी को भी झटका दे सकता है।

छुरा और धोखा

जब नौकर ने अपनी कमर से छुरा निकाला, तो समझ गया कि यह रात आसान नहीं होने वाली। उसकी आँखों में जो ठंडक थी, वह किसी पत्थर से कम नहीं थी। मुझे चोट दो, मुझे खो दो में ऐसे पल दिल दहला देते हैं।

बिल्ली और शेर की लड़ाई

दोनों के बीच की तनावपूर्ण नज़रें बता रही थीं कि कुछ बड़ा होने वाला है। जब वे एक-दूसरे के करीब आए, तो लगा जैसे आग और पानी का मिलन हो रहा हो। मुझे चोट दो, मुझे खो दो की यह जुगलबंदी लाजवाब है।

खूबसूरत जाल

उसकी काली पोशाक और गले का हार इतना आकर्षक था कि कोई भी उस पर फिदा हो जाए। लेकिन यह खूबसूरती एक जाल थी जिसमें फंसना मौत को दावत देना था। मुझे चोट दो, मुझे खो दो में ऐसे दृश्य बहुत प्रभावशाली हैं।

राजकुमार की गलती

उसने सोचा था कि वह सब कुछ नियंत्रित कर सकता है, लेकिन उसकी अहंकार ने उसे अंधा बना दिया। जब वह जमीन पर गिरा, तो लगा जैसे उसका साम्राज्य ढह गया हो। मुझे चोट दो, मुझे खो दो में यह पल बहुत दर्दनाक था।

छायों का हमला

जब अंधेरे से निकलकर वह व्यक्ति सामने आया, तो लगा जैसे मौत स्वयं आ गई हो। उसका मुखौटा और हथियार सबको डरा रहे थे। मुझे चोट दो, मुझे खो दो में ऐसे दृश्य रोंगटे खड़े कर देते हैं।

नाचते हुए मौत की ओर

वे दोनों इतने खूबसूरत लग रहे थे जब नाच रहे थे, लेकिन उनकी आँखों में जो डर था, वह सब कुछ बता रहा था। मुझे चोट दो, मुझे खो दो में यह विरोधाभास बहुत ही दिलचस्प था।

खून से रंगी रात

जब दावत की मेज पर खून फैला, तो सबकी हंसी चीखों में बदल गई। यह रात किसी के लिए भी भुलाई नहीं जा सकती। मुझे चोट दो, मुझे खो दो का यह अंत बहुत ही चौंकाने वाला था।