जब जादूगर ने छड़ी उठाई और दर्पण पर वार किया, तो पूरा मैदान हिल गया। मगल जादूगर ही रक्षक है में यह दृश्य सबसे ज्यादा धमाकेदार था। टूटे हुए कांच के टुकड़े हवा में तैर रहे थे जैसे समय थम गया हो। दर्शकों की चीखें और डर का माहौल बिल्कुल असली लग रहा था।
उसकी मूंछें घूम रही थीं लेकिन आंखों में साफ डर झलक रहा था। मगल जादूगर ही रक्षक है में यह किरदार बहुत गहराई से बनाया गया है। जब दर्पण टूटा तो उसने अपनी बांह से चेहरा ढक लिया – शायद उसे पता था कि कुछ गलत होने वाला है।
उसकी आंखों में सिर्फ डर नहीं, बल्कि एक अजीब सी उदासी भी थी। मगल जादूगर ही रक्षक है में यह पल बहुत भावनात्मक था। जब वह नीचे झुका और छड़ी जमीन पर गिर गई, तो लगा जैसे उसने कुछ बहुत कीमती खो दिया हो।
शुरुआत में सब हंस रहे थे, तालियां बजा रहे थे, लेकिन जब दर्पण टूटा तो सबकी हंसी गायब हो गई। मगल जादूगर ही रक्षक है में यह बदलाव बहुत तेजी से हुआ। एक पल में उत्सव, दूसरे पल में सन्नाटा – बिल्कुल फिल्मी अंदाज।
उसकी आंखों में आंसू थे लेकिन आवाज में गुस्सा। मगल जादूगर ही रक्षक है में यह किरदार बहुत मजबूत लग रहा था। जब उसने लड़के का हाथ पकड़ा और कुछ कहा, तो लगा जैसे वह उसे संभालने की कोशिश कर रही हो।
बादलों के बीच से तीन सफेद घोड़े निकले और उन पर सवार थे तीन जादूगर। मगल जादूगर ही रक्षक है में यह दृश्य बिल्कुल स्वर्ग जैसा लग रहा था। बूढ़े जादूगर की आंखों में आश्चर्य था – शायद उन्हें भी उम्मीद नहीं थी कि ऐसा होगा।
जब दर्पण से रोशनी निकली और आसमान में गई, तो लगा जैसे कोई देवता नीचे आ रहा हो। मगल जादूगर ही रक्षक है में यह विजुअल इफेक्ट बहुत शानदार था। बादल फट रहे थे और रोशनी सीधी जमीन पर आ रही थी – बिल्कुल धार्मिक दृश्य जैसा।
वह मुस्कुरा रहा था लेकिन उसकी आंखों में कुछ छिपा था। मगल जादूगर ही रक्षक है में यह किरदार बहुत रहस्यमयी लग रहा था। जब उसने बांहें क्रॉस कीं और पीछे खड़े जादूगर की तरफ देखा, तो लगा जैसे वह कुछ प्लान कर रहा हो।
जमीन पर बने चक्र और चिह्न बहुत जटिल थे। मगल जादूगर ही रक्षक है में यह सेट डिजाइन बहुत विस्तृत था। जब लड़का उस चक्र के बीच खड़ा हुआ, तो लगा जैसे वह किसी बड़े जादू का हिस्सा बनने वाला हो।
जब सब कुछ खत्म हुआ और सिर्फ टूटा हुआ दर्पण बचा, तो पूरा मैदान खामोश हो गया। मगल जादूगर ही रक्षक है में यह अंत बहुत भावनात्मक था। लड़का अकेला खड़ा था और उसकी छड़ी जमीन पर पड़ी थी – जैसे सब कुछ खत्म हो गया हो।
इस एपिसोड की समीक्षा
नवीनतम