शुरू में ही आग का दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो गए। माफिया डॉन की आंखों में छुपा दर्द सच में दिल को छू लेता है। जब वो नायिका को गले लगाता है तो लगता है जैसे वो खुद को बचाने की कोशिश कर रहा हो। माफिया डॉन की स्वीट क्योर में ऐसा लगता है कि हर सीन के पीछे एक बड़ा राज छिपा है। नेटशॉर्ट ऐप पर देखने का अनुभव बहुत ही रोमांचक रहा।
इन दोनों के बीच की केमिस्ट्री को शब्दों में बयान करना मुश्किल है। कभी गला दबाते हैं तो कभी प्यार से बिस्तर पर ले जाते हैं। यह जो खिंचाव है ना, यही तो माफिया डॉन की स्वीट क्योर की खासियत है। सुबह वाले सीन में नायिका की आंखों का डर साफ दिखाई दिया। कहानी में उतार चढ़ाव बहुत अच्छे हैं।
सुबह जब नायिका ने उसकी पीठ पर निशान देखे तो मैं भी हैरान रह गई। ये निशान किस बात की गवाही दे रहे हैं? क्या बचपन की वो आग इसी वजह से लगी थी? माफिया डॉन की स्वीट क्योर के हर एपिसोड में एक नया सवाल खड़ा हो जाता है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसी वेब सीरीज मिलना आजकल मुश्किल है। बस यही उम्मीद है कि जल्द सच सामने आए।
जिस तरह से वो उसे उठाकर कमरे में ले गया, उस सीन में जो तनाव था वो लाजवाब था। डर और चाहत के बीच की यह लड़ाई बहुत गहरी है। माफिया डॉन की स्वीट क्योर ने मेरे दिल की धड़कनें तेज कर दीं। कमरे का सजावट और माहौल बहुत ही शाही लग रहा था। ऐसे ड्रामे देखकर ही असली मजा आता है।
अंत में वो स्टार वाला पेंडेंट देखकर लगता है कि कहानी में कोई बड़ा ट्विस्ट आने वाला है। शायद यह किसी पुरानी याद का हिस्सा हो। माफिया डॉन की स्वीट क्योर में छोटी छोड़ी चीजों का भी बहुत गहरा मतलब निकलता है। नायिका का रोना और भागने की कोशिश देखकर बुरा लगा। कहानी बहुत ही पेचीदा होती जा रही है।
हीरो के चेहरे के हाव भाव देखकर लगता है कि वो किसी बड़े दर्द से गुजरा है। जब वो चिल्लाता है तो स्क्रीन हिलने लगती है। माफिया डॉन की स्वीट क्योर के कलाकारों ने जान डाल दी है। नेटशॉर्ट ऐप पर कंटेंट की क्वालिटी दिन प्रति दिन बेहतर हो रही है। ऐसे किरदार जो दिमाग से नहीं उतरते।
कमरे की सजावट इतनी शानदार थी कि लग रहा था कोई राजा रहता हो। झूमर और पुराना फर्नीचर कहानी को एक अलग ही अहसास दे रहे हैं। माफिया डॉन की स्वीट क्योर का सेट डिजाइन बहुत ही प्रशंसनीय है। अंधेरे और रोशनी का खेल भी बहुत खूबसूरती से किया गया है। देखने वाले को बांधे रखने के लिए काफी है।
जब वो नींद से जागी और उसे अपनी हालत का अहसास हुआ, उस पल की घबराहट बहुत असली लगी। उसने चादर ओढ़ ली और आंसू बहने लगे। माफिया डॉन की स्वीट क्योर में महिला किरदार की मजबूरी को बहुत बारीकी से दिखाया गया है। क्या वो वहां से भाग पाएगी या फिर फंस जाएगी? यह जानने की उत्सुकता बढ़ रही है।
आग वाले फ्लैशबैक ने पूरी कहानी का रंग बदल दिया। शायद उस बच्चे और इस माफिया डॉन का कोई कनेक्शन है। माफिया डॉन की स्वीट क्योर में भूतकाल और वर्तमान को मिलाने का तरीका बहुत अच्छा है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे थ्रिलर मिलना सुकून देता है। हर सीन के बाद दिमाग में नए सवाल आते हैं।
एक बार देखना शुरू किया तो पूरा सीरीज खत्म किए बिना रुका नहीं गया। हर मोड़ पर नया झटका लगता है। माफिया डॉन की स्वीट क्योर सच में एक बेहतरीन ड्रामा साबित हुआ है। नेटशॉर्ट ऐप का इंटरफेस भी बहुत आसान है जिससे वीडियो देखने में मजा आता है। ऐसे ही और शो की उम्मीद है।
इस एपिसोड की समीक्षा
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