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Breakup Se Billionaire Tak

Hero ek orphan hai, jise ek cold business tycoon ne bachaya. Ehsaan ka badla chukane ke liye, woh uske haath mein ek tez chhuri ban jaata hai. Elite school se lekar corporate wars tak, hero strict training mein rapidly grow karta hai. Lekin ek purane case ko chhedne ki wajah se woh trouble mein pad jaata hai. Phir ek planned "betrayal" dono ke beech break-up karwa deti hai...
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इस एपिसोड की समीक्षा

अंत का झटका

अंत में वो चौंक गई, जैसे किसी को देख लिया हो। ब्रेकअप से बिलियनेयर तक का ये क्लिफहैंगर कमाल का था। उस वीरान इमारत में कोई और भी था। ये सवाल अब दिमाग में घूम रहा है। बारिश की रात और वो अकेली लड़की। इससे ज्यादा ड्रामा क्या हो सकता है। मुझे ये कहानी बहुत गहरी लगी। हर सीन में एक नया राज़ छिपा है। मैं बस अगला पार्ट देखने के लिए इंतज़ार कर रही हूँ।

किताब का वादा

कहानी का ये मोड़ बहुत ही रहस्यमयी था। ब्रेकअप से बिलियनेयर तक में ऐसे पल ही तो जादू करते हैं। उस लड़की ने जब किताब को कसकर पकड़ा, तो लगा वो किसी वादे को निभाने गई है। अंदर का सन्नाटा और बाहर की बारिश। ये कंट्रास्ट दिल को छू गया। नेटशॉर्ट ऐप पर देखते वक़्त लगा जैसे मैं भी उस कमरे में हूँ। आगे क्या होगा, ये जानने की उत्सुकता बढ़ गई है।

बल्ब की रोशनी

उस बल्ब की रोशनी में उसका चेहरा और भी खूबसूरत लग रहा था। ब्रेकअप से बिलियनेयर तक के इस सीन में इमोशन बहुत गहरा था। बारिश की बूंदें उसके बालों से टकरा रही थीं। उसने जब पीछे मुड़कर देखा, तो लगा कोई आ रहा है। ड्राइवर का रिएक्शन भी कुछ खास था। वीरान जगह का डर और उसकी हिम्मत। ये सब मिलकर एक बेहतरीन दृश्य बनाते हैं। मुझे ये स्टाइल बहुत पसंद आया।

अंधेरे में मंज़िल

रात के अंधेरे में वो टैक्सी जैसे किसी मंज़िल की तरफ जा रही थी। ब्रेकअप से बिलियनेयर तक में ऐसे सस्पेंस बनाए रखना आसान नहीं है। लड़की की आँखों में आँसू थे, पर वो रुकी नहीं। उस वीरान इमारत में वो अकेली क्यों गई। ये सवाल मुझे सता रहा था। फोन की लोकेशन और वो किताब। सब कुछ एक पज़ल की तरह लग रहा था। माहौल इतना भारी था कि मैं भी सहम गई।

बारिश वाली रात का जादू

बारिश की उस रात का नज़ारा सच में दिल को छू गया। टैक्सी से उतरते ही उसकी आँखों में जो दर्द था, वो साफ़ दिख रहा था। ब्रेकअप से बिलियनेयर तक में ऐसे सीन्स ही तो जादू करते हैं। वीरान इमारत और अकेली लड़की का सफर रहस्य से भरा लग रहा था। मैं बस यही सोच रही थी कि आखिर वो किताब क्यों ले गई। नेटशॉर्ट ऐप पर देखते वक़्त लगा जैसे मैं भी वहीं खड़ी हूँ। माहौल इतना गहरा था कि साँस रुक सी गई। हर बूंद में कहानी छिपी थी।

बैंगनी आँखों का राज़

उसकी बैंगनी आँखों में जो चमक थी, वो बारिश में भी नहीं बुझी। ब्रेकअप से बिलियनेयर तक की कहानी में ये पल बहुत अहम लग रहा है। ड्राइवर की नज़रें भी कुछ कह रही थीं, जैसे वो जानता हो सब। उसने फोन में लोकेशन चेक की और सीधे उस वीरान जगह चल पड़ी। मुझे तो लगा कोई पुराना राज़ खुलने वाला है। इतनी रात को वहाँ जाना खतरनाक था, पर उसकी मजबूरी साफ़ दिख रही थी। बिल्डिंग के अंदर का सन्नाटा और भी डरावना था।

वीरान इमारत का सच

वीरान इमारत के बीच वो अकेली खड़ी थी, हाथ में वो पुरानी किताब। ब्रेकअप से बिलियनेयर तक में ऐसे मोड़ आते हैं जो रोंगटे खड़े कर दें। बारिश का पानी उसके चेहरे से टकरा रहा था, पर वो रुकी नहीं। अंदर जाते ही लाइट की वो बल्ब और सन्नाटा। मुझे लगा अब कुछ बड़ा होने वाला है। नेटशॉर्ट ऐप पर ये सीन देखते वक़्त मैं बस स्क्रीन को घूरती रह गई। कहानी का ये हिस्सा सबसे ज्यादा इंट्रेस्टिंग लगा।

टैक्सी की हेडलाइट्स

टैक्सी की हेडलाइट्स में वो सड़क चमक रही थी, बिल्कुल सिनेमा जैसा। ब्रेकअप से बिलियनेयर तक का ये एपिसोड मुझे बहुत पसंद आया। लड़की ने जब फोन में मैप देखा, तो लगा वो किसी खास वजह से आई है। उस किताब को वो सीने से लगाए हुए थी, जैसे वो उसकी जान हो। अंदर का नज़ारा बिल्कुल सुनसान था। बस एक बल्ब जल रहा था। ये डर और उत्सुकता का मिश्रण कमाल का था। मैं आगे क्या होगा ये जानने के लिए बेताब हूँ।

सन्नाटे की आवाज़

बारिश की आवाज़ और वो सन्नाटा, सब कुछ परफेक्ट था। ब्रेकअप से बिलियनेयर तक में ऐसे सीन्स ही दर्शकों को बांधे रखते हैं। उस लड़की के चेहरे पर जो डर और उम्मीद दोनों थे, वो एक्टिंग शानदार थी। ड्राइवर ने पीछे मुड़कर जो देखा, उसमें भी एक कहानी थी। वीरान बिल्डिंग के अंदर कदम रखते ही माहौल बदल गया। मुझे लगा अब कहानी में ट्विस्ट आएगा। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे कंटेंट मिलना दुर्लभ है।

दरवाज़े के पीछे

उसने जब दरवाज़ा खोला, तो अंदर का नज़ारा चौंकाने वाला था। ब्रेकअप से बिलियनेयर तक की कहानी में ये जगह किसी राज़ की चाबी लग रही है। बारिश में भीगते हुए भी उसका हौसला काबिले तारीफ था। उस किताब का राज़ क्या है। ये सवाल हर पल दिमाग में आ रहा था। अंदर की रोशनी और बाहर का अंधेरा। ये कंट्रास्ट बहुत गहरा था। मैं बस यही चाहती हूँ कि जल्दी से अगला एपिसोड आए।

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