इस दृश्य में तनाव इतना गहरा है कि सांस लेना मुश्किल हो जाता है। जब वह व्यक्ति अपनी पीठ पर लापरवाह महिला को लेकर अंदर आता है, तो कमरे में खड़े व्यक्ति का गुस्सा साफ दिख रहा है। वैद्य की मुक्ति की कहानी में ऐसे पल ही तो असली ड्रामा लाते हैं। बाहर साइकिल वाला आदमी और गली के लोग जो बातें कर रहे हैं, उनसे लगता है कि पूरा मोहल्ला इस मामले में उलझ गया है। चेहरों के भाव और आंखों का डर बता रहा है कि यह सिर्फ एक झगड़ा नहीं, बल्कि किसी बड़े राज का पर्दाफाश होने वाला है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे इमोशनल सीन्स देखना वाकई दिलचस्प अनुभव है।