ली जिया गाँव क्लिनिक की वह पुरानी मेज और स्टील का टिफिन बॉक्स देखकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। डॉक्टर ली का चेहरा जब वह १६ का नोट देखता है तो जितना उदास होता है, उतना ही आगे आकर झगड़ा करने वाले आदमी के सामने थक जाता है। वैद्य की मुक्ति में यह दृश्य दिखाता है कि कैसे गरीबी इंसान को तोड़ देती है, फिर भी वह अपना काम नहीं छोड़ता। आखिर में सिर पकड़कर बैठ जाना दिल को छू लेता है।