वैद्य की मुक्ति में दिखाया गया है कि कैसे एक पिता अपनी बेटी के सामने टूट जाता है। लड़की की मासूमियत और पिता का दर्द दिल को छू लेता है। जब वह रोता है तो लगता है कि जीवन की सारी जिम्मेदारियाँ उसके कंधों पर हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर यह दृश्य देखकर आँखें नम हो गईं।