अदालत के गंभीर माहौल से शुरू होकर गरीब बस्ती की कड़वी हकीकत तक, इस कहानी ने दिल को झकझोर दिया। वैद्य की मुक्ति में दिखाया गया वह पल जब आरोपी अपने ही घर वालों से टकराता है, बेहद दर्दनाक है। माँ का गुस्सा और बेटे की बेबसी देखकर रूह कांप गई। कोर्ट में जज का फैसला सुनने का तनाव और फिर घर पर होने वाली मारपीट, हर सीन में इमोशन का तूफान है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे ड्रामा देखना सुकून देता है क्योंकि यहाँ असली जिंदगी की कहानियां मिलती हैं जो हमें सोचने पर मजबूर कर देती हैं।