लाल पोशाक वाला योद्धा घुटनों पर है, लेकिन उसकी आँखों में हार नहीं दिखती। सामने खड़ा नीला परिधान वाला व्यक्ति इतना शांत कैसे है? जैसे उसे पता हो कि जीत उसकी ही होगी। जब मुट्ठी तलवार से टकराई, तो हवा में बिजली कौंध गई! यह एक्शन सीन दिल दहला देने वाला था। पिता की असली ताकत में ऐसे दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। दर्शकों की सांसें थम गई थीं जब खून जमीन पर गिरा। यह सिर्फ लड़ाई नहीं, भावनाओं का युद्ध था। हर चेहरे पर डर और आश्चर्य साफ झलक रहा था।