इस दृश्य में तनाव इतना गहरा है कि सांस लेना मुश्किल हो जाता है। लाल पोशाक वाला योद्धा अपनी तलवार से जो ऊर्जा छोड़ता है, वह जादुई लगती है। सामने खड़ा नीला स्कार्फ वाला व्यक्ति डटा हुआ है, उसकी आंखों में डर नहीं, बल्कि एक अजीब सी चमक है। बीच में बैठे राजा जैसे व्यक्ति का चेहरा पत्थर जैसा सख्त है। पिता की असली ताकत शायद इसी संघर्ष में छिपी है। जब तलवारें टकराती हैं, तो लगता है जैसे समय थम गया हो। यह दृश्य सिर्फ एक्शन नहीं, बल्कि भावनाओं का युद्ध है। हर किरदार की चुप्पी शोर मचा रही है।