धुंधले जंगल में शुरू हुआ यह एपिसोड सीधे दिल में उतर जाता है। जब निखिल यादव ने हमला किया, तो लगा सब खत्म हो गया, लेकिन अचानक एक साधारण दिखने वाला व्यक्ति सामने आया और उसने एक ही वार में दुश्मन को धराशायी कर दिया। यह मोड़ देखकर रोंगटे खड़े हो गए। पिता की असली ताकत का असली मतलब अब समझ आ रहा है। सोरभ तिवारी का एंट्री और उनका गुस्सा अगले एपिसोड के लिए बेचैनी बढ़ा रहा है। वुशू एक्शन और जादुई प्रभावों का संगम कमाल का है।