इस दृश्य में तनाव इतना अधिक है कि सांस रुक जाए! काले कपड़ों वाला खलनायक अपनी लाल ऊर्जा से हमला करता है, लेकिन वरुण चौहान की सफेद चमक उसे रोक लेती है। जब वह घायल होकर भी खड़ा होता है और उंगली उठाता है, तो लगता है जैसे पिता की असली ताकत अब जाग चुकी हो। युवा योद्धाओं की आंखों में डर और उम्मीद दोनों साफ दिख रहे हैं। यह लड़ाई सिर्फ शक्तियों की नहीं, बल्कि विश्वास की जीत है। नेटशॉर्ट पर ऐसे दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं!