जब डॉक्टर ने उसे बचाया और वह होश में आई, तो उसका रोना दिल दहला देने वाला था। लेकिन फोन की घंटी बजते ही उसका चेहरा बदल गया। लगता है खतरा अभी टला नहीं है। न्याय में दिखाया गया यह मोड़ बहुत ही सस्पेंस से भरा है। क्या वह फिर से उसी जाल में फंसने वाली है?
वही जख्मी लड़की अब काले सूट में इतनी खूबसूरत और ताकतवर लग रही थी! पार्टी में उसकी एंट्री देखकर लग रहा था कि अब शिकार नहीं, शिकारी बनकर आई है। न्याय की यह कायापलट देखकर मजा आ गया। बदला लेने का वक्त आ गया है।
पार्टी में जब वह गुलाबी ड्रेस और फर कोट पहनकर आई, तो सबकी सांसें रुक गईं। लेकिन उसकी आंखों में वह पुरानी चालाकी अभी भी बाकी थी। न्याय में यह टकराव बहुत ही जबरदस्त होने वाला है। क्या वह फिर से अपनी चाल चल पाएगी?
वह बुजुर्ग आदमी जो पार्टी का इंतजाम कर रहा था, जब उसने जख्मी लड़की को देखा तो उसके होश उड़ गए। उसे यकीन नहीं हो रहा था कि वह जिंदा है। न्याय में ऐसे रिएक्शन शो को और भी दिलचस्प बनाते हैं। असली खेल तो अब शुरू हुआ है।
शुरुआत में जो लड़की दोस्त बनकर आई थी, वही सबसे बड़ी दुश्मन निकली। उसने पीठ पीछे वार किया और मजे लेती रही। न्याय की कहानी हमें सिखाती है कि हर मुस्कुराते चेहरे पर भरोसा नहीं करना चाहिए। धोखा सबसे करीबी से ही मिलता है।