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न्याय

सोनिया मल्होत्रा, जिन्हें कानून की रानी के नाम से जाना जाता है, एक बड़ी लॉयर हैं। वह विधायक लोकेश सिंह के लिए एक केस तैयार कर रही हैं। उधर, उनकी अपनी बेटी दीया और मम्मी रचना को उनकी ही क्लाइंट पूजा सिंह परेशान कर रही है। सोनिया अपनी असली पहचान बताती हैं, लेकिन पूजा को उन पर भरोसा नहीं होता। इसके बजाय, पूजा सोनिया और उनके पूरे परिवार को और भी बुरी तरह से बदतमीज़ी झेलने पर मजबूर कर देती है...
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इस एपिसोड की समीक्षा

सीनेटर और बेटी का टकराव

लोकेश सिंह और पूजा सिंह के बीच पूलसाइड बहस देखकर लगा कि राजनीति और परिवार के बीच की दूरी कितनी खतरनाक हो सकती है। लोकेश हैरिसन का गुस्सा और पूजा की जिद्द, दोनों के बीच का तनाव न्याय के थीम को नए अर्थ देता है। यह सीन दिखाता है कि कानून से ऊपर कोई नहीं, चाहे वह सीनेटर ही क्यों न हो।

कार में छिपा सच

सोनिया और ओफेलिया के बीच कार में हुई बातचीत ने पूरी कहानी का रुख मोड़ दिया। ओफेलिया की मुस्कान और सोफिया की चिंता, दोनों के चेहरे पर छिपी कहानी न्याय के सफर को और भी गहरा कर देती है। लगता है कि असली लड़ाई तो अब शुरू हुई है, और यह सफर आसान नहीं होने वाला।

मीडिया का शोर और खामोशी

कोर्ट के बाहर मीडिया का शोर और सोफिया मॉर्गन की खामोशी, दोनों का कॉन्ट्रास्ट देखकर लगा कि सच्चाई कभी शोर नहीं मचाती। सोनिया मल्होत्रा का किरदार इतना प्रभावशाली है कि बिना बोले ही सब कुछ कह जाता है। न्याय की इस कहानी में हर किरदार अपनी जगह महत्वपूर्ण है।

पूजा की जिद्द और लोकेश का गुस्सा

पूजा सिंह की जिद्द और लोकेश हैरिसन का गुस्सा, दोनों के बीच की बहस ने दिखाया कि परिवार में भी कानून की जरूरत पड़ती है। पूजा का अंदाज और लोकेश का रवैया, दोनों के बीच का टकराव न्याय की कहानी को और भी दिलचस्प बना देता है। यह सीन देखकर लगा कि सच कड़वा होता है।

सोफिया का दमदार किरदार

सोफिया मॉर्गन का किरदार इतना दमदार है कि हर सीन में उनकी मौजूदगी महसूस होती है। सोनिया मल्होत्रा के रूप में उनका अभिनय देखकर लगा कि न्याय की लड़ाई लड़ने वाले वकील कितने मजबूत होते हैं। ओफेलिया के साथ उनकी केमिस्ट्री और कार में हुई बातचीत, सब कुछ परफेक्ट है।

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