जब हयातो ने माँ के सिर पर पट्टी देखी, तो उसकी आँखों में डर और गुस्सा दोनों था। माँ की कमज़ोर आवाज़ और बेटे की बेचैनी ने दृश्य को इतना भावुक बना दिया कि साँस रुक सी गई। फोन उठाते ही माँ की आँखों में आँसू—ये सब अमीर माता-पिता को छेड़ना मत! में इतना असली लगा कि लगता है मैं भी वहीं खड़ा हूँ। नेटशॉर्ट पर ऐसे दृश्य देखकर लगता है कि कहानी सिर्फ पर्दे पर नहीं, दिल में भी बस जाती है।