कावेरी सिंह, सेनापति घराने की बेटी, बादल नगर का पतन होते ही वसंत भवन में गिरा दी गई। उसने चुपके से हथियार साधे और बदला कसम खाई। पिता-भाई लौटे तो उल्टा उसे कुल की बदनामी कहकर कावेरी व प्रिया को काट डालने चल पड़े। कावेरी तलवार उठाकर सहायक सेनापति भवन लौटती है—क्या वह खून का हिसाब चुकाएगी, या अपना ही घर उजड़ जाएगा?