माया अपनी सास सरला देवी को कबीर के नए बार में ले जाती है, जहाँ उसे कबीर और रिया के अफेयर का पता चलता है। रिया दोनों को सबके सामने बेइज़्ज़त करती है, उन पर शराब डालती है, और वह घड़ी दिखाती है जो माया ने कबीर को सँभालने दी थी। कबीर माया की अनदेखी करता है लेकिन रिया की एक कॉल पर दौड़ा आता है। तब आदित्य माया की मदद करता है। टूटी हुई माया तलाक लेकर अपने डिज़ाइन करियर पर ध्यान लगाती है। क्या माया अपनी ज़िंदगी दोबारा बना पाएगी? क्या कबीर और रिया को उनकी सज़ा मिलेगी?