PreviousLater
Close

बहू है खतरनाक वां37एपिसोड

2.0K2.2K

बहू है खतरनाक

मीरा अपनी चचेरी बहन निशा की जगह कबीर से शादी करती है, जो गाँव में एक गरीब लकवाग्रस्त आदमी बनकर रहता है। वह मेहनत करती है, उसके इलाज के लिए पैसे जुटाती है, पर उसे नहीं पता कि कबीर असल में एक छिपा अरबपति है। निशा और उसकी चाची मीरा को बार-बार परेशान करते हैं, पर कबीर हर बार चुपचाप उसकी मदद करता है। जब मीरा को कबीर की असली पहचान पता चलती है, तो वह नाराज होकर चली जाती है। क्या कबीर उसे मना पाएगा? क्या वे अपने रिश्ते को फिर से जोड़ पाएंगे?
  • Instagram
सुझाव

इस एपिसोड की समीक्षा

नवीनतम

भूरे वस्त्र धारी की मौनता

भूरे वस्त्र पहने लड़के की आँखों में एक अजीब सी उदासी है, जैसे वो किसी बात को छुपा रहा हो। जब वो लड़की का हाथ पकड़ता है तो लगता है जैसे वो उसे बचाना चाहता है। बहू है खतरनाक में ऐसे दृश्य देखकर दिल धक से रह जाता है। बिक्री कर्मचारी की मुस्कान भी कुछ ज्यादा ही संवारित लग रही थी, शायद कहानी में कोई मोड़ होने वाला है।

श्वेत वस्त्र धारी का प्रवेश

श्वेत वस्त्र वाली लड़की का प्रवेश होते ही माहौल बदल गया। उसकी आँखों में एक अलग ही चमक थी और वो काले वस्त्र वाले लड़के के साथ बहुत सहज लग रही थी। बहू है खतरनाक की कहानी में ये नया किरदार क्या भूमिका निभाएगा, ये तो वक्त ही बताएगा। लेकिन उसकी शारीरिक भाषा से लग रहा है कि वो किसी बड़ी योजना का हिस्सा है।

परिवार का दबाव

वृद्ध दंपत्ति की मौजूदगी से लग रहा है कि ये सिर्फ दो प्रेमियों की कहानी नहीं है। लाल वस्त्र वाली औरत की बात करने का तरीका बहुत अधिकारपूर्ण था, जैसे वो सब कुछ नियंत्रण कर रही हो। बहू है खतरनाक में पारिवारिक नाटक का तड़का लगने से कहानी और भी रोचक हो गई है। अब देखना है कि ये परिवार किस पक्ष में है।

हाथ थामने वाला दृश्य

जब भूरे वस्त्र वाले ने लड़की का हाथ पकड़ा, तो उस पल में इतनी भावनात्मक गहराई थी कि बिना संवाद के सब समझ आ गया। उसकी पकड़ में एक सुरक्षा का अहसास था। बहू है खतरनाक के इस दृश्य ने साबित कर दिया कि कभी-कभी मौन सबसे ज्यादा शोर मचाती है। चित्रण कोण भी इस पल को दर्शाने के लिए सटीक था।

बिक्री कार्यालय का वातावरण

संपत्ति बिक्री कार्यालय का मंच बहुत यथार्थवादी लगा। आदर्श गृह और विज्ञापन पत्रिका देखकर लग रहा है कि ये कहानी अमीराना ठाठ-बाट के बीच घूमने वाली है। बहू है खतरनाक में स्थान का चुनाव बहुत सही है क्योंकि ये जगह श्रेणी और संघर्ष दोनों को दिखा सकती है। पृष्ठभूमि में खड़े लोग भी कहानी का हिस्सा लग रहे थे।

काले वस्त्र धारी की भूमिका

काले वस्त्र वाला लड़का शुरू से ही थोड़ा अलग लग रहा था। उसकी मुस्कान में एक चालाकी थी और वो श्वेत वस्त्र वाली के बहुत करीब था। बहू है खतरनाक में ये किरदार खलनायक हो सकता है या फिर कोई रहस्य सुलझाने वाला। उसने जब दस्तावेज थैला खोला तो लगा कि कुछ बड़ा होने वाला है।

कन्या की मासूमियत

गुंफित केश वाली लड़की की मासूमियत देखते ही बनती है। उसकी कमीज और घाघरे का संयोजन उसे बहुत सरल और प्यारा बना रहा था। बहू है खतरनाक में उसका किरदार शायद किसी बड़ी साजिश का शिकार होने वाला है। उसकी आँखों में जो डर था, वो साफ दिखाई दे रहा था जब वो दूसरे जोड़े को देख रही थी।

वस्त्रों का वर्ण संकेत

वेशभूषा विशेषज्ञ ने कमाल कर दिया। भूरे और श्वेत का संयोजन एक तरफ और काले और श्वेत दूसरी तरफ, जैसे दो अलग-अलग समूह हों। बहू है खतरनाक में वर्ण संकेतन से ही किरदारों के बीच की दुश्मनी या दोस्ती का पता चल रहा है। लाल वस्त्र वाली औरत का वर्ण तो जैसे खतरे का संकेत दे रहा था।

संवाद रहित अभिनय

इस अंश में संवाद कम थे लेकिन अभिनय बहुत तेज था। भूरे वस्त्र वाले के चेहरे के भाव-भंगिमा बदलते रहना और लड़की का घबराहट में इधर-उधर देखना सब कुछ बता रहा था। बहू है खतरनाक की ये खासियत है कि ये बिना बोले भी बहुत कुछ कह देती है। वेब श्रृंखला पर ऐसे दृश्य देखने का मजा ही अलग है।

अगली कड़ी की आशा

ये अंश देखकर अगली कड़ी का इंतजार और भी बढ़ गया है। क्या भूरे वस्त्र वाला लड़का लड़की को बचा पाएगा? क्या श्वेत वस्त्र वाली कोई धोखा देगी? बहू है खतरनाक की कहानी में अब बहुत सारे सवाल खड़े हो गए हैं। उम्मीद है कि अगली कड़ी में इन सवालों के जवाब मिलेंगे और कहानी और भी रोचक होगी।