शुरुआत में ही पुल पर नायिका की घबराहट देखकर रोंगटे खड़े हो गए। पीछे दो गुंडे और सामने लिमोसिन में बैठा रहस्यमयी व्यक्ति। माफिया डॉन के छह बच्चे का ये सीन बताता है कि कहानी में कितना उतार चढ़ाव आएगा। बचाव का वो पल और फिर लिमोसिन के अंदर का नज़ारा देखकर हैरानी हुई। ऐसे ड्रामे बार बार देखने को मिलते नहीं हैं। बहुत ही शानदार शुरुआत थी जिसने दर्शकों को बांधे रखा।
कार के अंदर का वो सीन काफी बोल्ड था। नायिका ने खुद पहल की और नायक ने उसे गले लगा लिया। रात का वक्त और पुल की रोशनी ने माहौल को और भी खूबसूरत बना दिया। माफिया डॉन के छह बच्चे में ऐसे रोमांटिक पल देखकर दिल की धड़कनें तेज़ हो गईं। आगे की कहानी में इन दोनों का रिश्ता कैसे बदलता है ये देखना दिलचस्प होगा। केमिस्ट्री बहुत अच्छी लगी।
दस महीने बाद का सीन जब नायिका अस्पताल में थी, वो बहुत इमोशनल था। डॉक्टर्स की घबराहट और नायिका की चीखें सब कुछ बता रही थीं। जब छह बच्चे दिखाए गए तो विश्वास ही नहीं हुआ। माफिया डॉन के छह बच्चे का ये ट्विस्ट किसी को भी हैरान कर सकता है। एक साथ इतने बच्चे पालना आसान नहीं होगा। माँ का दर्द साफ़ दिख रहा था।
एक माँ के लिए छह बच्चों की देखभाल करना कितना मुश्किल होता है ये इस वीडियो में साफ़ दिखता है। तीन साल बाद का सीन शांत था लेकिन फिर भी तनाव बनी हुई थी। नायिका अब अकेली नहीं है लेकिन उसे नई चुनौतियों का सामना करना होगा। माफिया डॉन के छह बच्चे में परिवार की जिम्मेदारियों को बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। संघर्ष जारी है।
जब घर के दरवाजे पर नई महिला आई तो सब कुछ बदल गया। पीछे दो गार्ड्स और उसका अंदाज़ बता रहा था कि वो कोई आम नहीं है। नायिका का चेहरा देखकर लग रहा था कि अब मुसीबतें बढ़ने वाली हैं। माफिया डॉन के छह बच्चे में ये नया किरदार कहानी में बड़ा ट्विस्ट ला सकता है। अब देखना है कि वो क्या चाहती है। डर का माहौल है।
लिमोसिन वाला व्यक्ति फिर से सामने आएगा या नहीं ये सवाल बना हुआ है। उसने नायिका को बचाया था लेकिन फिर वो कहाँ चला गया। माफिया डॉन के छह बच्चे में हीरो की गैरमौजूदगी में नायिका ने हिम्मत नहीं हारी। उसने बच्चों को पाला और घर संभाला। अब जब वो वापस आएगा तो माहौल कैसे बदलेगा ये देखना बाकी है। इंतज़ार रहेगा।
तीन साल बाद के सीन में बच्चे बहुत प्यारे लग रहे थे। वो खेल रहे थे और नायिका उन्हें देखकर मुस्कुरा रही थी। लेकिन जब उसने जूस का गिराया तो घबराहट साफ़ दिखी। माफिया डॉन के छह बच्चे में बच्चों की मासूमियत और माँ की चिंता को बहुत अच्छे से दिखाया गया है। ऐसे परिवारिक ड्रामे दिल को छू लेते हैं। बहुत प्यारा सीन था।
सफेद सूट वाली महिला और भूरे रंग की जैकेट वाली महिला के बीच टकराव साफ़ दिख रहा था। दोनों का अंदाज़ बहुत अलग था। माफिया डॉन के छह बच्चे में अब दो महिलाओं के बीच की जंग शुरू होने वाली है। कौन जीतेगा और कौन हारेगा ये तो वक्त ही बताएगा। लेकिन ड्रामा तो पक्का है। टकराव देखने लायक होगा।
वीडियो की रफ़्तार बहुत तेज़ थी। पुल से लेकर अस्पताल और फिर घर तक का सफर बहुत जल्दी तय हुआ। माफिया डॉन के छह बच्चे में हर सीन में कुछ नया होता है। दर्शक बोर नहीं होते हैं। ऐसे शो को देखने में मज़ा आता है क्योंकि हर पल कुछ नया होता रहता है। कहानी में दम है।
हालांकि नई महिला आ गई है लेकिन नायिका की आँखों में डर नहीं बल्कि गुस्सा दिख रहा था। अब वो चुप नहीं बैठेगी। माफिया डॉन के छह बच्चे का अंत कैसे होगा ये तो नहीं पता लेकिन सफर रोमांचक है। नेटशॉर्ट एप पर ऐसे शो देखना अच्छा लगता है। सबको देखना चाहिए। बहुत पसंद आया।
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