शुरुआत में मिया कितनी खुश थी, अग्निशामक पापा का इंतज़ार कर रही थी। लेकिन अंत में उसकी मौत देख कर रोना आ गया। क्लोई हॉवर्ड की चीख सुन कर कलेजा फट गया। जन्मदिन पर अंत्येष्टि: मेरा हीरो बाप कातिल निकला नाम सही है क्योंकि लियाम ने अपनी बेटी को छोड़ दिया। एरिया को बचाना था पर मिया की जान भी तो थी। ये कहानी हमेशा याद रहेगी।
लियाम एक बचाव कर्मी होकर भी अपनी बेटी मिया को बचा नहीं पाया। जब वो मलबे से निकला तो उसने एरिया को चुना। क्लोई हॉवर्ड की आँखों में आँसू देख कर गुस्सा आ रहा है। जन्मदिन पर अंत्येष्टि: मेरा हीरो बाप कातिल निकला में दिखाया गया है कि कर्तव्य और परिवार में कैसे संघर्ष होता है। पर बेटी को मरने देना गलत था। लियाम का फैसला समझ नहीं आया।
क्लोई हॉवर्ड जब मिया के शरीर को गले लगा रही थी, वो दृश्य बहुत दिल दहला देने वाला था। उसके हाथ खून से सने हुए थे पर उसने हिम्मत नहीं हारी। जन्मदिन पर अंत्येष्टि: मेरा हीरो बाप कातिल निकला ने दिखाया कि माँ का प्यार कितना गहरा होता है। लियाम वहाँ नहीं था जब उसकी बेटी को सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी। क्लोई का अकेलापन पर्दे पर महसूस हो रहा है।
जब मिया की आत्मा शरीर से निकल कर ऊपर जा रही थी, वो दृश्य बहुत सुंदर था पर दुख भी था। लियाम एरिया को लेकर चला गया और मिया अकेली रह गई। जन्मदिन पर अंत्येष्टि: मेरा हीरो बाप कातिल निकला का अंत अप्रत्याशित था। क्या लियाम को पता था मिया मर चुकी है? या उसने जान बूझ कर नजरअंदाज किया? ये सवाल दिमाग में घूम रहा है।
शुरु में मिया के पास अग्निशामक गुड़िया था, शायद उसे लगा पापा उसे बचाएंगे। पर लियाम ने मिया की जगह एरिया को बचाया। ये विडंबना बहुत तेज़ थी। जन्मदिन पर अंत्येष्टि: मेरा हीरो बाप कातिल निकला में ये प्रतीक बहुत मायने रखता है। क्लोई हॉवर्ड की लाचारी देख कर लगा कि किस्मत खराब थी। मिया की मुस्कान अंत तक याद रहेगी।
इमारत ढहने के दृश्य बहुत वास्तविक लगे। धूल और खून का संयोजन सही था। जब मिया की आँखों में आँसू थे, वो निकट दृश्य उत्कृष्ट था। जन्मदिन पर अंत्येष्टि: मेरा हीरो बाप कातिल निकला ने दृश्य कथाकथन अच्छी की है। लियाम की वर्दी और क्लोई के कपड़े सब बारीकियों में थे। कार्रवाई से ज़्यादा भावना पर ध्यान था जो अच्छा लगा।
एरिया जो रो रही थी, क्या वो लियाम की दूसरी बेटी थी? या बस एक अजनबी? लियाम ने उसे गले लगा लिया। क्लोई हॉवर्ड वहाँ मिया के लिए रो रही थी। जन्मदिन पर अंत्येष्टि: मेरा हीरो बाप कातिल निकला में ये उलझन बना रहा। शायद लियाम ने पेशेवर कर्तव्य निभाई पर पिता होने का फर्ज भूल गया। एरिया की सुरक्षा भी ज़रूरी थी पर मिया भी तो थी।
जब मिया ने हाथ बढ़ाया था लियाम की तरफ, पर लियाम वहाँ नहीं था। वो दृश्य देख कर मैं रो पड़ी। क्लोई हॉवर्ड की चीख ने पूरा सिनेमाघर हिला दिया। जन्मदिन पर अंत्येष्टि: मेरा हीरो बाप कातिल निकला सिर्फ एक फिल्म नहीं, भावना है। मिया की मासूमियत और अंत की खामोशी ने दिल तोड़ दिया। ऐसा लगता है जैसे सांस रुक गई हो देख कर।
जन्मदिन पर अंत्येष्टि: मेरा हीरो बाप कातिल निकला शीर्षक सुन कर लगा शायद अतिशयोक्तिपूर्ण है, पर फिल्म देख कर सही लगा। मिया का जन्मदिन शायद आ रहा था और उसे अंत्येष्टि मिल गया। लियाम नायक था पर उसकी बेटी के लिए खलनायक बन गया। क्लोई हॉवर्ड की त्रासदी सबसे बड़ी थी। ये कहानी लंबे समय तक दिमाग में रहेगी।
अगर आप भावनात्मक कहानियां पसंद करते हैं तो ये श्रेष्ठ है। लियाम, मिया और क्लोई हॉवर्ड के बीच का संबंध मजबूत था। जन्मदिन पर अंत्येष्टि: मेरा हीरो बाप कातिल निकला ने उम्मीदें तोड़ दिए। कार्रवाई कम है पर नाटक बहुत ज़्यादा है। अंत में मिया की आत्मा का जाना आशाजनक भी था और दुखद भी। एक बार ज़रूर देखें।
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