उसकी शांत मुद्रा और आंखों में छिपी गहराई देखकर लगता है जैसे वह किसी अन्य युग से आई हो। विनाशकारी शुरुआत के बाद भी वह इतनी स्थिर कैसे रह सकती है? शायद उसके पास कोई जादुई शक्ति है जो हमें अभी तक नहीं पता।
उसकी आंखों में गुस्सा और दृढ़ संकल्प दोनों झलक रहे थे। जब उसने बर्तन में हाथ डाला, तो लगा जैसे वह किसी युद्ध की तैयारी कर रही हो। समय-यात्रा के चक्कर में भी वह अपने लक्ष्य से नहीं भटकी।
यह साधारण बांस का खंभा नहीं, बल्कि किसी पुराने अनुष्ठान का हिस्सा लगता है। जब नीले पोशाक वाले ने उसे छुआ, तो हवा में कुछ अजीब सी ऊर्जा महसूस हुई। विनाशकारी शुरुआत के बाद यह खंभा ही सब कुछ बदल देगा।
जब वह आया, तो सभी की नज़रें उस पर टिक गईं। उसकी आवाज़ में अधिकार था और आंखों में चुनौती। समय-यात्रा के इस खेल में वह नया खिलाड़ी है जो सब कुछ बदल सकता है।
जब वह व्यक्ति रंगीन पोशाक में आया, तो भीड़ की प्रतिक्रियाएं अलग-अलग थीं। कुछ डरे हुए थे, कुछ उत्सुक। विनाशकारी शुरुआत के बाद भी लोग इतने जिज्ञासु कैसे रह सकते हैं? शायद यह उनकी आदत बन गई है।