एरेस और एस्टेरिया को जब ओलंपियन बनने का संदेश मिला तो सब खुश थे, लेकिन फिर वो काले बालों वाली महिला ने चाकू घोंप दिया। खून बहता देख दिल दहल गया। इस धारावाहिक मेरा भिखारी पति ज़ीउस है में ऐसा मोड़ नहीं सोचा था। एस्टेरिया की आंखों में दर्द साफ दिख रहा था। काश एरेस समय रहते समझ पाता कि धोखा कहां से मिलने वाला है।
स्वर्ग का दृश्य इतना सुंदर था कि आंखें चुरा नहीं सकतीं। सफेद संगमरमर और सुनहरे स्तंभ देखकर लगा देवताओं की दुनिया सच है। पर जब जादू का चक्र लाल हो गया तो माहौल बदल गया। मेरा भिखारी पति ज़ीउस है की कहानी में ये जादूई बदलाव सबसे बेहतरीन लगता है। विलेन की हंसी देखकर गुस्सा आता है कि उसने ऐसा क्यों किया।
ज़ीउस और हीरा का जब राजसी अंदाज में आगमन हुआ तो लगा अब सब ठीक होगा। भीड़ एरेस के लिए चिल्ला रही थी, वो हीरो बन गया था। पर उस काले लिबास वाली महिला की चाल कुछ और ही थी। उसने प्यार का तीर चलाया जिससे सब हैरान रह गए। इस कहानी मेरा भिखारी पति ज़ीउस है में हर पल नया मोड़ मिलता है जो बांधे रखता है।
एस्टेरिया के जख्म से गिरता खून देखकर रूह कांप गई। वो बेचारी क्या कर सकती थी जब धोखा सामने से मिला। विलेन महिला का गुस्सा और चीखें देखकर लगा वो पागल हो गई है। खून के निशान और जादू की रोशनी ने डरावना माहौल बना दिया। मेरा भिखारी पति ज़ीउस है में इतना ड्रामा कम ही देखने को मिलता है जो दिल पर असर डालता है।
एरेस की ताकत और उसका घमंड दोनों ही साफ दिखते हैं। जब वो भीड़ के सामने खड़ा हुआ तो सबकी सांसें रुक गईं। पर उसे क्या पता था उसकी पत्नी के साथ क्या होने वाला है। इस कहानी मेरा भिखारी पति ज़ीउस है में पात्रों के बीच का संघर्ष बहुत गहरा दिखाया गया है। अभिनय देखकर दाद देनी पड़ती है सबको।
वो सुनहरा धनुष और प्यार वाला तीर कितना खूबसूरत था। पर जब उस काले बालों वाली ने इसे चलाया तो लगा ये किसी को मारने के लिए नहीं बल्कि वश में करने के लिए है। एस्टेरिया की मासूमियत देखकर तरस आता है। मेरा भिखारी पति ज़ीउस है में ये जादूई हथियार अहम भूमिका निभाते हैं कहानी को आगे बढ़ाने में।
स्वर्ग से नरक जैसे माहौल का बदलाव देखकर हैरानी हुई। पहले सब कुछ चमकदार था, फिर अचानक अंधेरा छा गया। लाल रोशनी और जादू के चक्र ने कहानी को नया मोड़ दिया। इस कहानी मेरा भिखारी पति ज़ीउस है में दृश्य प्रभावों का इस्तेमाल बहुत अच्छे से किया गया है। हर दृश्य आंखों को सुकून देता है शुरू में।
हीरा रानी का जब पंखा और ताज दिखा तो लगा वो असली ताकतवर हैं। उन्होंने उस काले लिबास वाली से बात की तो लगा कोई साजिश चल रही है। एस्टेरिया बस देखती रह गई कुछ समझ नहीं पाई। मेरा भिखारी पति ज़ीउस है में राजसी ठाठ बाठ और साजिशें दोनों ही बराबर हैं। किरदारों के कपड़े भी बहुत शानदार लगते हैं।
एरेस जब जमीन पर गिरा और चिल्लाया तो उसका दर्द महसूस हुआ। उसने अपनी पत्नी को बचाने की कोशिश की पर देर हो चुकी थी। वो विलेन महिला हंस रही थी जैसे उसने कोई खेल जीत लिया हो। इस कहानी मेरा भिखारी पति ज़ीउस है में भावुक दृश्य दिल को छू लेते हैं। कलाकारों ने जान डाल दी है हर दृश्य में।
अंत में जब एस्टेरिया फिर से खड़ी हुई तो लगा शायद वो बच गई। पर उसकी आंखों में अब वो चमक नहीं थी। शायद उसे सब पता चल गया है अब। मेरा भिखारी पति ज़ीउस है का अगला भाग देखने का इंतज़ार नहीं हो रहा किसी को। कहानी में उतार चढ़ाव बना रहे तो मज़ा आएगा। सबको देखना चाहिए ये कहानी एक बार।
इस एपिसोड की समीक्षा
नवीनतम