सुनहरे ड्रैगन का पतन देखकर दिल दहल गया। उसका अहंकार ही उसकी मौत का कारण बना। जब नीले ड्रैगन ने अपनी पूंछ से वार किया, तो सुनहरा ड्रैगन टूटकर बिखर गया। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ में ऐसे दृश्य बार-बार देखने को मिलते हैं जो दर्शकों को बांधे रखते हैं।
मुख्य पात्र की भावनात्मक यात्रा इस एपिसोड में बहुत गहरी थी। जब वह नीले ड्रैगन के पास घुटनों के बल बैठा, तो उसकी आंखों में आंसू थे। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ की कहानी में यह पल सबसे ज्यादा दिल को छूने वाला था। उसकी कमजोरी और ताकत दोनों एक साथ दिखीं।
ड्रैगन युद्ध का विजुअल स्प्लेंडर देखकर आंखें चौंधिया गईं। नीले और सुनहरे ड्रैगन के बीच की लड़ाई इतनी खूबसूरत थी कि हर फ्रेम को सेव कर लेने का मन किया। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ में ऐसे एनिमेशन देखकर गर्व होता है। रंगों का इस्तेमाल और एक्शन सीक्वेंस लाजवाब थे।
रेफरी का फैसला सुनकर पूरा स्टेडियम सन्न रह गया। जब उसने हाथ उठाकर नीले ड्रैगन को विजेता घोषित किया, तो ऐसा लगा जैसे न्याय हुआ हो। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ में ऐसे पल कहानी को आगे बढ़ाते हैं। रेफरी का शांत चेहरा और दृढ़ आवाज प्रभावशाली थी।
नीले ड्रैगन की आंखों का जादू देखकर मैं मंत्रमुग्ध हो गया। उसकी सुनहरी पुतलियों में एक अजीब सी चमक थी जो दर्शकों को बांधे रखती है। पशु-साथी: सब विकसित हों, मैं आदिम बनूँ में ऐसे डिटेल्स कहानी को गहराई देते हैं। जब वह मुख्य पात्र की ओर देखता है, तो बिना बोले सब कुछ कह जाता है।