जब महारानी बनी सौतेली माँ में सत्ता के खेल की शुरुआत हो गई है। एक तरफ राजा का आराम और दूसरी तरफ महल की साजिशें। हरे रंग की पोशाक वाली दासी का चेहरा बता रहा है कि वह कोई साधारण नौकर नहीं है। जब उसने सुनहरे बर्तन से शराब परोसी, तो माहौल में तनाव साफ दिखा। राजा का अचानक गला पकड़ना और महारानी का घबरा जाना दर्शाता है कि जहर का खेल शुरू हो चुका है। यह दृश्य दर्शकों को बांधे रखता है।