जब महारानी बनी सौतेली माँ में राजा और रानी के बीच की चुप्पी इतनी भारी है कि लगता है दीवारें भी सांस रोके देख रही हैं। रानी की लाल पोशाक और सोने की नक्काशी वाला सिंहासन उनकी शक्ति का प्रतीक है जबकि राजा की आंखों में छिपी बेचैनी कहानी का असली मोड़ बताती है। नेटशॉर्ट ऐप पर यह दृश्य देखकर लगा जैसे खुद महल के पर्दों के पीछे छिपकर यह सब देख रहा हूं। भावनाओं का यह खेल और हर चेहरे पर छिपा रहस्य दर्शक को बांधे रखता है।